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Showing posts from September, 2020

मौसम बदले जीवन बदले, तुम फिर फिर अपने गीत सुनाना

जीवन है तो मौसम हैं, मरने के बाद बस एक मौसम रहेगा। फिर कभी नए नए मौसम देखने का मौका ना रहेगा। जीवन है तो आयेंगे उबासी भरे दिन, कभी बसंत महोत्सव कभी पतझड़ कभी बरसाती काली रातें। तुम चलते रहना अपनी राह, चाहे कोई भी हो। तुम बदल मत लेना चलने का ढ़ंग सिर्फ़ इसलिए  क्योंकि पूरी दुनिया तुम्हारे साथ गलत कर रही है। तुम रुक मत जाना देखकर कि कितना आसान है सब यहाँ, जहाँ तुम्हारे लिए सब कुछ उपलब्ध हो बिना किसी कठिनता के। तुम बहक मत जाना सुख देखकर, रखना याद की ये केवल एक मौसम है बदल जायेगा, तुम मन मत बना लेना सबसे कट जाने का इसलिए कि तुम्हारे साथ कोई ज्यादती हुई है, तुम ख़ुद से बचकर मत भागना इसलिए कि तुम में कमियाँ बहुत हैं। तुम कोई बोझ मत लाद लेना, अपने कंधे पर की तुम्हारे बिना ये सब काम कोई और ना करेगा। तुम होना खड़े किसी रास्ते पर, देखना ऊपर आसमान में और देखना फिर अपने शरीर को, कोई फ़र्क नहीं है तुम में और इस खुले आसमान में। तुम ऐसे चलना जैसे कोई राजा चलता है, ऐसे बोलना जैसे राजा बोलते हैं। तुम राजी मत हो जाना किसी के गुलाम बनने को, तुम देना सबको जितना दे सको, देखना मत मुड़कर पीछे की तरफ, राजा देते हैं

देश में कुछ लोग बस इम्यूनिटी बढ़ा रहे हैं

 शायर शायरी छोड़कर भाषण बना रहे हैं, खिलाड़ी खेल छोड़कर रोडीज में जा रहे हैं अभिनेता अभिनय छोड़कर राजनीति में आ रहे हैं राजनेता नेतागिरी छोड़कर अभिनय दिखा रहे हैं पत्रकार पत्रकारिता छोड़कर धारावाहिक दिखा रहे हैं। मंत्री जी रोटी छोड़कर सरकारी नौकरी खा रहे हैं, अस्पताल पैसे छोड़कर जिंदगी खा रहे हैं। कौन मर रहा है, किसी को क्या फ़र्क पड़ता है, अब तो ड्रग्स लेने वाले बस सुर्खियों में आ रहे हैं। बच्चे किताब छोड़कर स्मार्टफोन चला रहे हैं, मास्टर जी वॉट्सएप की मदद से नौकरी बचा रहे हैं। स्थिति विचित्र है अगर थोड़ा भी ध्यान दिया जाए, सुखी वही हैं जो इम्यूनिटी बढ़ा रहे हैं। ~ #ShubhankarThinks

रिश्तों के मध्य तरलता

 भावनाएं अत्यन्त आवश्यक होती हैं रिश्तों के मध्य तरलता बनाए रखने के लिए, वरना टूट जाते है मजबूत से मजबूत जोड़ भी अगर उनके बीच सूखा घर्षण हो। ~ #ShubhankarThinks

चापलूसी एवम् प्रशंसा ! विचार

 जीवित व्यक्ति की प्रशंसा करना, चापलूसी को श्रेणी में आता है।   ~ # ShubhankarThinks

छोटे बड़े की समस्या !

 ये उसकी समस्या है, जो खुद को तुमसे बड़ा समझ रहा है, समस्या तुम्हारे अंदर है अगर कोई तुम्हारे सामने ख़ुद को छोटा महसूस करे। ~ #ShubhankarThinks

ज्ञान और प्रवचन

 ज्ञान में से प्रवचन को घटा दिया जाए तो केवल व्यवहारिकता शेष रह जाती है। अगर प्रवचन में से ज्ञान को हटा दिया जाए तो शेष रह जाते हैं बड़े बड़े बोल। ~ #ShubhankarThinks