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Showing posts from October, 2019

हालात एक जैसे कभी ना रहे

 ख़्वाब हो सकते हैं कितने भी हसीन, ऐसा कभी होता नहीं है कि सब सही रहे।  दो चीजें अलग हैं तो वो अलग ही रहेंगी, हो भी कैसे सकता है कि तनातनी ना रहे। सब जद्दोजहद में कि खुशियां हो मेरे हिस्से, ग़म का साया मेरे इर्दगिर्द कहीं ना रहे। कभी रौनक हुई तो कभी लंबे सन्नाटे मगर हालात एक जैसे तो कभी ना रहे। सांस छोड़ने से मौत और सांस आए तो जिंदगी, ध्यान से देख लें अगर तो ये डर कभी ना रहे। कुदरत ने बनाए हैं दुनिया में अंधेरे उजाले, ताकि मनोरंजन में कभी कोई कमी ना रहे। ~ #ShubhankarThinks

हर बात कुछ ना कुछ कहती है

बातें बनाने में लोगों का जवाब नहीं है, वैसे आदत ये उनकी खराब नहीं है| फ़र्क होता है बातों बातों में, उनके पीछे छिपे इरादों और जज्बातों में| जैसे, कुछ सादा सी बातें जो गोल गोल घूमती हैं, कुछ टेढ़ी सी बातें जो झूठ बोलती हैं| कुछ मीठी सी बातें जो गोल मोल सी हैं, कुछ कड़वी सी बातें जो सिर्फ सच बोलती हैं| कुछ बेमतलब की बातें जो हँस बोलती हैं, कुछ मतलब की बातें, जिनमें जरूरत बोलती है| कुछ लड़ाई की बातें जिनमें मोहब्बत बोलती है, कुछ व्यंग्य सी बातें जो सिर्फ नफ़रत घोलती हैं| कुछ प्यार की बातें जो दिल से बोलती हैं, कुछ इज़हार की बातें जो खुल कर बोलती हैं| कुछ इकरार की बातें जो दिल खोल बैठती हैं, कुछ इंकार की बातें जो दिल तोड़ बैठती हैं| कुछ दोस्ती की बातें जो सीधे दिल में उतरती हैं, कुछ चालाकी की बातें जो दिल से उतरती हैं| कुछ राजनीति की बातें जो लुभावनी सी हैं, कुछ कूटनीति की बातें जो डरावनी सी हैं| कुछ बच्चों सी बातें, जो बहुत बोलती हैं, कुछ समझदारी की बातें, जो अब कम बोलती हैं| कुछ चापलूसी की बातें जो सलाम ठोकती हैं, कुछ वफ़ादा