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Showing posts from October, 2019

कुछ ना बनने में संभावनाएं ! जीवन

 कुछ बन जाने में एक चुनाव है, जिसके बाद इंसान कुछ और नहीं बन पाता, मगर कुछ ना बनने में, सब कुछ बन जाने की संभावना होती है। #ShubhankarThinks

हर बात कुछ ना कुछ कहती है

बातें बनाने में लोगों का जवाब नहीं है, वैसे आदत ये उनकी खराब नहीं है| फ़र्क होता है बातों बातों में, उनके पीछे छिपे इरादों और जज्बातों में| जैसे, कुछ सादा सी बातें जो गोल गोल घूमती हैं, कुछ टेढ़ी सी बातें जो झूठ बोलती हैं| कुछ मीठी सी बातें जो गोल मोल सी हैं, कुछ कड़वी सी बातें जो सिर्फ सच बोलती हैं| कुछ बेमतलब की बातें जो हँस बोलती हैं, कुछ मतलब की बातें, जिनमें जरूरत बोलती है| कुछ लड़ाई की बातें जिनमें मोहब्बत बोलती है, कुछ व्यंग्य सी बातें जो सिर्फ नफ़रत घोलती हैं| कुछ प्यार की बातें जो दिल से बोलती हैं, कुछ इज़हार की बातें जो खुल कर बोलती हैं| कुछ इकरार की बातें जो दिल खोल बैठती हैं, कुछ इंकार की बातें जो दिल तोड़ बैठती हैं| कुछ दोस्ती की बातें जो सीधे दिल में उतरती हैं, कुछ चालाकी की बातें जो दिल से उतरती हैं| कुछ राजनीति की बातें जो लुभावनी सी हैं, कुछ कूटनीति की बातें जो डरावनी सी हैं| कुछ बच्चों सी बातें, जो बहुत बोलती हैं, कुछ समझदारी की बातें, जो अब कम बोलती हैं| कुछ चापलूसी की बातें जो सलाम ठोकती हैं, कुछ वफ़ादा