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Showing posts from December, 2018

हालात एक जैसे कभी ना रहे

 ख़्वाब हो सकते हैं कितने भी हसीन, ऐसा कभी होता नहीं है कि सब सही रहे।  दो चीजें अलग हैं तो वो अलग ही रहेंगी, हो भी कैसे सकता है कि तनातनी ना रहे। सब जद्दोजहद में कि खुशियां हो मेरे हिस्से, ग़म का साया मेरे इर्दगिर्द कहीं ना रहे। कभी रौनक हुई तो कभी लंबे सन्नाटे मगर हालात एक जैसे तो कभी ना रहे। सांस छोड़ने से मौत और सांस आए तो जिंदगी, ध्यान से देख लें अगर तो ये डर कभी ना रहे। कुदरत ने बनाए हैं दुनिया में अंधेरे उजाले, ताकि मनोरंजन में कभी कोई कमी ना रहे। ~ #ShubhankarThinks

एक साल नया अब आने को

एक साल ख़त्म अब होने को, कहीं आँख मूँदकर सोने! नया साल शुरू अब होने को, कुछ पाने को कुछ खोने को। एक साल रेत सा फिसल गया, वक़्त अच्छा बुरा सब निकल गया! मगर कुछ बाकि रही बातें हैं, कुछ अधूरे ख़्वाब, कुछ वादे हैं। पूरे साल रही है उथल-पुथल कुछ खट्टी मीठी यादें हैं। एक साल रहा जैसे रण संग्राम, चुनौती भरा, रही मुश्किलें तमाम! एक साल नहीं रही वक़्त पर लगाम, कब निकलता था दिन और कब ढ़लती थी शाम? एक साल रिश्ते कुछ बनाये गये, कुछ अपने बने तो कुछ पराये बने ! कुछ गैर थे जो खास बने, कुछ पास थे जो गैर बने। एक साल सबक, सीखों से भरा, पूरा साल इम्तेहां सरीखे रहा! ये साल बनेगा कभी यादगार, की एक साल रहा था शानदार। खैर नया साल अब आने को, अनुभव कुछ नए दिलाने को ! कुछ रिश्ते नए बनवाने को, कुछ तोड़ने को कुछ बनाने को, कुछ खोने को कुछ पाने को! एक साल नया अब आने को, एक साल नया अब आने को। ~ #shubhankarthinks #happynewyear2019 #newyear2019