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Showing posts from November, 2018

आओ बैठो थोड़ी देर

 बैठो कुछ देर अकेले आख़िर कब तक भागोगे ऐसे ही, यात्रा कभी समाप्त होगी नहीं, तुम्हें ही रुक कर आराम करना होगा। जब इतनी दूर चल लिए तो अब आओ बैठो थोड़ी देर, ये गठरी जो तुमने बेवजह लादी हुई है कंधे पर उतार के रख दो किसी किनारे पर, कब तक स्वयं को बोझ से दबाते रहोगे, थोड़ा देर ठहरो देखो क्या भरा है इस गठरी में, कहीं तुम कंकड़ पत्थर तो भर कर नहीं घूम रहे हैं, अरे पागल ये तो पड़े ही हुए हैं सब जगह तुम क्यों इन्हें लाद कर फिर रहे हो। सब संसार की फिक्र तुम ही लिए बैठे हो, कभी थोड़ी देर खुद का हाल चाल भी तो पूछो। क्या पता तुम्हें तुम्हारे बारे में फिक्र करने की सबसे ज्यादा जरूरत हो। तुम सुन कहाँ रहे हो अपनी, तुम चले आ रहे हो सबके अनुसार सबके प्रभाव में सबको देखकर। कभी देखो खुद को वो चाहता है कि विश्राम हो,  वो नहीं चाहता कि तुम कठिन बन जाओ, वो चाहता है कि सब काम सरलता से निपट जायें तो बोझ हल्का रहेगा। लेकिन तुम सुनते कहाँ हो? तुम तो अपनी विशेषता साबित करने में खप गए हो। किसे साबित करके दिखाना चाहते हो! क्या तुम जानते हो कि तुम भी हो इस दुनिया में? तुम्हारा भी वजूद है। अभी समय है आओ बैठो कुछ देर, बैठो ख

शाम हो गयी है।

कोशिशों की नीलामी सरेआम हो गयी है, ज़िन्दगी अब बहुत ही आम हो गयी है! बुनने उधेड़ने को कुछ बचा नहीं है, दिन की मंज़िल अब "आराम" हो गयी है! दिन ढलने लगा है, सूरज छिप सा रहा है, कुछ पल तुम ठहर जाओ कब तक बढ़ोगे, जिंदगी है संग्राम आखिर कब तक लड़ोगे! पंछियों ने भी थककर हथियार डाल दिये हैं, आज के सारे अरमान अब कल तक टाल दिए हैं। कल किसने देखा? कौन आयेगा या कौन जायेगा, आज सोचा हुआ "कल" आयेगा या नहीं आयेगा। मगर वक़्त का पहिया तो घूमता ही जायेगा, आने वाले कल भी एक नया "आज" आयेगा| इस चक्कर में वक़्त की सुई बदनाम हो गयी है, अब थम जा कुछ देर, शाम हो गयी है| #शाम हो गयी है। #shubhankarThinks

#Motivation

बुरी किस्मत कोई पत्थर की लकीर तो है नहीं! मैंने देखा है बड़ी-बड़ी नदियों को भी जगह बदलते हुए| - Shubhankar Thinks #thoughtoftheday

#LifeQuotes Philosophy

It's not bad to behave like a leader but remember that you should be the only responsible person to make sure that every individual in your team is getting equal treatment by your actions and decisions.        - #ShubhankarThinks          #LifeQuotes   Pic Credit -

चलो साथ तुम

कल किसने जाना है वक़्त किसी के वश में नहीं है! चीजों को चलने दो अपनी रफ़्तार से, इशारों पर तुम्हारे ये नाचेगी नहीं, ये जिंदगी है कोई सर्कस नहीं है। मौका है अभी तो चलो साथ तुम फिर कल की ना कोई बात करो तुम। कल से तो मुझे भी कोई आस नहीं है, उस ताले की चाभी मेरे पास नहीं है। जो पल हैं बुनने आज बुनो तुम, जो धुन हैं सुनने आज सुनो तुम। ना मन को आज उदास रखो तुम, ना कल की कोई आस रखो तुम| #ShubhankarThinks

#RandomThought

1- वो कुछ ज्यादा ही अपने में मगरूर हैं और हम ख़ुद्दारी के लिए मशहूर हैं। 2- समेट लो सुकून के ये यादगार पल सारे, कहीं वक़्त यूँ ही से फिसलता ना जाये। Credit #thoughtoftheday #ShubhankarThinks #goldenthoughtsoflife