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Showing posts from November, 2018

शाम हो गयी है।

कोशिशों की नीलामी सरेआम हो गयी है, ज़िन्दगी अब बहुत ही आम हो गयी है! बुनने उधेड़ने को कुछ बचा नहीं है, दिन की मंज़िल अब "आराम" हो गयी है!
दिन ढलने लगा है, सूरज छिप सा रहा है, कुछ पल तुम ठहर जाओ कब तक बढ़ोगे, जिंदगी है संग्राम आखिर कब तक लड़ोगे! पंछियों ने भी थककर हथियार डाल दिये हैं, आज के सारे अरमान अब कल तक टाल दिए हैं।
कल किसने देखा? कौन आयेगा या कौन जायेगा, आज सोचा हुआ "कल" आयेगा या नहीं आयेगा। मगर वक़्त का पहिया तो घूमता ही जायेगा, आने वाले कल भी एक नया "आज" आयेगा| इस चक्कर में वक़्त की सुई बदनाम हो गयी है, अब थम जा कुछ देर, शाम हो गयी है| #शाम हो गयी है। #shubhankarThinks

#Motivation

बुरी किस्मत कोई पत्थर की लकीर तो है नहीं! मैंने देखा है बड़ी-बड़ी नदियों को भी जगह बदलते हुए| - Shubhankar Thinks
#thoughtoftheday

#LifeQuotes Philosophy

It's not bad to behave like a leader but remember that you should be the only responsible person to make sure that every individual in your team is getting equal treatment by your actions and decisions.        - #ShubhankarThinks
         #LifeQuotes

Pic Credit-

चलो साथ तुम

कल किसने जाना है वक़्त किसी के वश में नहीं है!

चीजों को चलने दो अपनी रफ़्तार से,
इशारों पर तुम्हारे ये नाचेगी नहीं, ये जिंदगी है कोई सर्कस नहीं है।
मौका है अभी तो चलो साथ तुम फिर कल की ना कोई बात करो तुम।
कल से तो मुझे भी कोई आस नहीं है, उस ताले की चाभी मेरे पास नहीं है।
जो पल हैं बुनने आज बुनो तुम, जो धुन हैं सुनने आज सुनो तुम।
ना मन को आज उदास रखो तुम, ना कल की कोई आस रखो तुम| #ShubhankarThinks

#RandomThought

1-
वो कुछ ज्यादा ही अपने में मगरूर हैं और हम ख़ुद्दारी के लिए मशहूर हैं।


2- समेट लो सुकून के ये यादगार पल सारे, कहीं वक़्त यूँ ही से फिसलता ना जाये।
Credit


#thoughtoftheday
#ShubhankarThinks
#goldenthoughtsoflife