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Showing posts from October, 2017

समर शेष है

कठिनाइयों की मारामार,

ऊपर से विफलताओं का अचूक प्रहार!

निराशाओं से भ्रमित विचार,

जैसे रुक गया हो ये संसार||



मस्तिष्क का वो पृष्ठ भाग ,

कर रहा अलग ही भागम भाग!

गति तीव्र हो गयी है रक्त की शिराओं की,

दिशाएं भ्रमित हैं रक्तिकाओं की|



ये परिणाम है सब असफलता का,

सतत प्रयासों के बाद भी मिल रही विफलता का !

यह बात नहीं अब कोई विशेष है,

समर अभी शेष है|



परिस्थितियों ने किये हैं सहस्रों प्रहार

कसर रही नहीं कुछ बाकि है,

हो गया हो तुम्हारा प्रकोप लाने का प्रयास !

तो ध्यान रखो खेल में अगली मेरी बाजी है|



खेल का रंग अब देख चुका,

सारे पड़ाव मैं देख चुका!

हार का मुख मैं देख चुका ,

दिन में रात मैं देख चुका!



जीत का अंतर माप चुका,

गंम्भीर स्थिति भांप चुका!

हारी बाजियाँ खेल चुका,

अब तक कितना समय मैं ठेल चुका!

कभी निराशा कभी हताशा ,

मैं सारी परिस्थितियां झेल चुका।



कुछ बचा नहीं अब परिस्थितियों के पाले में,

शायद नयी चाल नहीं, अब उनके पाले में!



अबकी बाजी मैं खेलूंगा ,

हारा हुआ सब एक बार में वापस ले लूंगा!

कितने तनाव और कष्ट दिए ,

मैं सबका हिसाब ले लूंगा|



ऐ! परिस्थिति तुझे पहले ही करता हूँ,सावधान!,

बाद मैं मत कहना होकर हैरान,

की उस समय खेल पर नहीं…

घरौंदा

मेरे घर के आँगन में एक बड़ा सा पेड़ है बरगद का,

जानवरों को धूप से बचाता है , हम सबको ठंडी छाँव देता है !

इन सबके साथ साथ वो आशियाना है उस नए प्राणी का|



जो अभी बसंत गुजर जाने के बाद यहाँ नई आकर बसी है,

वो रहती है, उस बड़े से तने में बने ख़ुफ़िया से खोखले में,

जो पिछले २-३ महीने से शैतान गिलहरियों की कारिस्तानी की वजह से बना था !



ये कोई एक दिन का कब्जा नहीं है,

ना ही उसने किसी से बना बनाया खरीदा!



उसने बनाया है इसे छोटे -छोटे तिनके लाकर,

कुछ घास फूंस अपने पँजों में फंसाकर!

कुछ खाली पड़े खेत में उगी घास उठाकर,

तो कभी भूख प्यास सब कुछ भुलाकर|



ये तो उसके संघर्ष के दिनों की कहानी है,

खैर अब एक नहीं वो तीन प्राणी हैं!



अपने आने वाले बच्चों के लिए ही तो इतना आयोजन था,

वरना उस अकेली के लिए , तो स्वछंद गगन था|



कभी दाना बटोर कर मीलों दूर से लाती,

तो कभी चहचाहट करना वो उनको सिखाती!

सबसे पहले बच्चों को खिलाती,

जाने कितनी बार खुद बिना खाये सो जाती|



ऐसा करती भी क्यों नहीं?

आख़िर घरौंदा उसका अब भरा हुआ था ,

भविष्य और भी सुखद होगा अब!

ये विचार उसके मन में कहीं धरा हुआ था|



मगर होनी को कौन टाल सकता है,

वर्तमान को हाथों में कौन सम्हाल सक…

Happy Diwali

Wish you all a very Happy Diwali.

धनतेरस का महत्व,तिथि , पौराणिक कथाएँ

नमस्कार , कैसे हैं आप सभी लोग ?

जैसा की आप सभी उत्सव की तैयारियों में व्यस्त होंगे , आप सभी को पता होगा दीवाली  अकेला उत्सव नहीं है! इसके साथ में ३-४ उत्सव और भी मनाए जाते हैं ,उन्हीं में से एक प्रारंभिक उत्सव है धनतेरस , जिसके बारे में मैं ये ब्लॉग लिखने जा रहा हूँ आशा है ,आपको कुछ नया जानने को मिले या फिर आपकी कुछ स्मृतियां ताज़ा हो जाएं तो शुरू करते हैं -




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प्रस्तावना :-धनतेरस का पर्व कार्तिक मास की कृष्ण त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है , जैसा कि हम सभी का मानना
है कि धनतेरस के दिन खरीददारी करने से घर में सुख समृद्धि आती है और माना जाता है कि धन की देवी लक्ष्मी इससे प्रसन्न
होती हैं !

यह था एक छोटा सा प्रारंभिक परिचय अब आते हैं , एक प्रश्न पर , आखिर धनतेरस का पर्व क्यों मनाया जाता है ? 

मुझे धनतेरस से जुड़ी सारी पौराणिक कथाएं ज्ञात नहीं हैं फिर भी कुछ कथाओं का आ…

Diwali Crackers Ban, Air Pollution and Great smog of Delhi

Hello, guys, I hope you all are doing well, it has been a long time when I am writing a recent blog without wasting your time let's move to the point.



I know I am late, as we all know Supreme court delivered a Judgement on October 9 that selling of fireworks will be banned in Delhi NCR region till November 1.

As I've been living in Delhi NCR for last 5 years so I know very well, How much polluted it is? and what happened on the day after Diwali?, I think I should focus on unbiased views so first of all let's know some shocking figures of Delhi NCR-


Delhi, a 6th most populated metropolis in the world, the ranking goes to 2nd if NCR region is included and unfortunately one of the most heavily polluted cities in India.
NCR residents are losing out on almost 6 years of life because of the dangerous air pollution levels.
according to the WHO. In Delhi, inadequate quality air damages irreversibly the lungs of 2.2 million or 50 percent of all children.
In November 2016, in an event kno…