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जब आप जिंदगी के किसी मोड़ पर लगातार असफल हो रहे हो तो आपके पास दो रास्ते हैं-
पहला रास्ता यह है, कि आप यहीं रुक जाओ और आने वाली पीढ़ी को यहाँ रुकने के बहाने गिनाओ !
दूसरा यह है, कि आप लगातार प्रयास करते रहो और इतने आगे बढ़ जाओ और खुद किसी का प्रेरणास्रोत बन जाओ|

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Friday, June 16, 2017

शहरी गर्मी

​ये कविता उस स्थिति के बारे में लिखी गयी है|

जब किसी नौकरी की तलाश में कोई बेरोजगार नौजवान युवा गांव से शहर का रुख करता है तो गर्मी में उसका हाल कुछ ऐसा हो जाता है-



IMG credit- https://commons.wikimedia.org/wiki/File:A_view_of_Road_Traffic_Chandagaur_to_New_Delhi_India_Highways.jpg




गर्म मौसम और शहर का तापमान स्तर,



यहां होता है माहौल औरों से इतर!



लू के थपेड़ों से जलता बदन,

काल के गाल में समा जाती है

वो मदमस्त पवन !






वो सड़कों से उड़ती तेज  धूल ,



जैसे



कोई चुभा रहा कोई गर्म शूल!






आँखें पथरा गयी हैं 



मंजिल की तलब में ,



सब जगह घूम रहा हूँ 



मैं बेमतलब में!









प्यास के मारे गला सूख गया है,



पानी का ना कोई अता पता है!






प्रदूषण की कालिख चेहरे पे लग रही है,



आज आसमान से भी मानो आग बरस रही है!






जहाँ नीम पीपल के वृक्ष थे,



वहां अब मकान खड़े हैं !













जो 2-4 पेड़ भाग्यवश बच गए थे ,



आज वो भी बिल्कुल शांत खड़े हैं!









कुछ कीकड के पेड़ बेज़ार खड़े हैं,



लोग तो उसकी बनावटी छाँव में भी लगातार खड़े हैं!






आँखें टोह रहीं हैं मंजिल की तलाश,



सुबह से नहीं मिला सही दिशा में निकास!









राहों की पहेली उलझती जा रही है,



हर एक गली के बाद एक जैसी गली आ रही है|






ऐसे भटकते भटकते सुबह से हो गयी है अब शाम ,



शाम को भी नहीं मिल पाता वो गांव जैसा आराम!









सुबह होते ही फिर वही रफ्तार भरनी है मुझे,



इस शहरी जिंदगी ने उलझा लिया है मुझे!






धूप में पिघलती सड़कों से दोस्ती कर ली है मैंने,



शहरी गर्मी की आदत डाल ली है मैंने|






©Confused Thoughts

29 comments:

  1. बिलकुल सही वर्णन------गांव से शहर रोजगार की तलाश-----रेगिस्तान में जैसे छावं की तलाश।

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  2. Lagta hai janab aaj kal yahi kar rahe hain 😝

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  3. Haan 2 din phle BT now I am at home .
    ISS bar sari summer vacations Ghar p nikalni Hai !
    Vo poem Mera past experience Hai last year yhi krta Tha m resume lekr idhar udhar bhatakna😂😂

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  4. Hee hee... mujhe apne din bhi yaad aa gaye

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  5. Haan isi liye likhi thi Taki hmare jese sabhi log khud ko relate kr ske !
    😀😀😀

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  6. Thank you di!🙏🙏
    AB to writing k ideas b ane bilkul bnd ho chuke hain 😁 PTA Ni Kya hoga

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  7. कोई बात नहीं है. होता है सबके साथ. चिन्ता मत करो, धीरे धीरे सब कुछ याद आने लगेगा, 😁

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  8. नहीं शायद अगले ३-४ महीने बिल्कुल नहीं,
    उसके बाद का वक़्त बताएगा !

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  9. अप्रतिम रचना शुभांकर...👌👌👌👍👍

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  10. वास्तविकता की झलक है इस रचना में......

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  11. Meri rachna pdhne ke liye bhut dhanyavaad

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  12. इतनी अच्छी रचना लिखने करने के लिए धन्यवाद....:)

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  13. Aisa bolkr AP mujhe khud ko shabasi dene k liye prerit kr rhi Hai Jo Mai kbi Ni krta !😀😀

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  14. Dijiye khud ko shabashi.... Hakdar hain aap....,sbse achha alochak insan khud hota hai....

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  15. हाँ वो तब तक खुद का आलोचक और प्रशंसक रह सकता है जब तक वो अभिमान वाली ऐनक ना पहन ले!

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