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जब आप जिंदगी के किसी मोड़ पर लगातार असफल हो रहे हो तो आपके पास दो रास्ते हैं-
पहला रास्ता यह है, कि आप यहीं रुक जाओ और आने वाली पीढ़ी को यहाँ रुकने के बहाने गिनाओ !
दूसरा यह है, कि आप लगातार प्रयास करते रहो और इतने आगे बढ़ जाओ और खुद किसी का प्रेरणास्रोत बन जाओ|

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Saturday, May 6, 2017

प्रेम पत्र-1

एक प्रेमिका का प्रेमी  को    पत्र-

 

girl











एक प्रेमी युगल उच्च शिक्षा के लिए एक दूसरे से बिछड़ जाता है !



प्रेमिका ने पास के ही एक कॉलेज में BA  में दाखिला लिया है और प्रेमी को दूसरे शहर इसलिए जाना पड़ता है क्योंकि पास के कॉलेज में B.Sc Mathmetics नहीं थी |अब दोनों को गए आधा वर्ष बीत गया इस बीच दोनों की ना कोई बात हुई ,ना कोई मिलाप हुआ !

आखिर होता भी कैसे उस जमाने में ना फोन होते थे ना ही यातायात इतना अच्छा था , होते थे तो सिर्फ पत्र !जिनसे लोग खूब सारे विचार एक बार में भेज देते थे फिर महीनों बाद पत्र का जवाब आता था और कभी कभी तो वो पत्र रास्ते में गुम हो जाता !

खैर मुद्दे पर आते हैं , हुआ ये की प्रेमी ने कोई पत्र नहीं लिखा वो पढ़ाई में इतना व्यस्त था और नए शहर में तालमेल बनाने में उसका सारा समय निकल जाता था ,अब ऐसे में प्रेमिका गुस्से में आकर एक पत्र भेजती है तो पढ़िए मैंने उस काल्पनिक पत्र को कविता के रूप में लिखा है !




प्रेमी मेरे ,ओ प्राण प्यारे!

तुम्हारी प्राण-प्यारी तुम्हें पुकारे,

छः मास बीत गए अब ,

प्रतीक्षा में नयन अश्रुमय हो गए हैं अब !

आओगे या नहीं भी आओगे,

कुविचारों से तन-मन भयभीत भये अब|

 

सांसारिक सुख सब बेस्वाद हो गए हैं ,

मेरे चहकते विचार अब अवसाद ग्रसित हुए हैं !

अब रौनकें नहीं हैं बगीचे में तुम बिन,

कोयल की मधुर ध्वनि भी कर्कश लगती है तुम बिन |

वो आम के पेड़ों पर बौर नहीं आयी इस बार !

शायद तुम्हारे जाने से नाराज हैं ,

या फिर ये हो ऋतुओं का प्रभाव !

 

अब सांयकाल में छत पर सन्नाटा रहता है ,

मैं गयी थी दो तीन दिन लगातार!

जब तुम मुझे वहां दूर वाली छत पर दिखाई नहीं देते ,

तो अब मैंने जाना ही बंद कर दिया |

विरह मेरे जीवन में कृष्ण पक्ष की काली अंधेरी रात की तरह छा गया है !

मेरी आँखों में तो जैसे किसी समुद्र का सैलाब आ गया है |

 

तुम बिसार दिए हो और प्रेम भी नहीं करते मुझे अब शायद!

पढ़ाई में इतने तल्लीन हुए हो ,

या फिर मेरी कोई सौतन मिल गयी है अब तुम्हें शायद|

तुम भूल गए वो सर्दियों के दिन !

जब बर्फ़ीली ठंडी हवाओं के बावजूद,

हम दोनों अपनी अपनी छत से एक दूसरे को इतनी दूर से निहारते थे!

तुम भूल गए वो पुराने दिन,

जब बाग से खट्टे आम चुराकर तुम मेरे लिए लाते थे |

ध्यान है ना !वो दिन जब तुम्हारे स्कूल की छुट्टी के इंतेजार में,

मैं पूरे एक घन्टे वहाँ चौराहे पर खड़ी रहती थी !

फिर हम दोनों साथ में पूरे रास्ते अपनी अपनी साईकल चलाते हुए बात करते - करते घर जाते थे |

 

 

मगर अब तुम्हें इन सब बातों की कोई चिंता नहीं है!

तभी आज तक चिट्ठी ना कोई संदेश आया ?

ना ये सोचा कि तुम बिन मेरी दशा कैसी है?

तुम्हारे मन में ना तनिक भी ये   ख्याल आया |

जरूर तुम्हें अब कुछ ना याद होगा ,

मुझसे तनिक भी प्रेम रहा ना होगा|

Next Part












तो कैसे हैं आप लोग , जैसा कि आपको पता होगा मैं काफी समय से गायब हूँ और आगे भी कुछ समय तक व्यस्त रहूँगा ,आप सभी अपने विचार देना ना भूलें और इसका अगला भाग मैं schedule कर दूंगा और आप सभी आपके कमैंट्स का जवाब थोड़ा देर में दे पाउँगा !

धन्यवाद

शुभ रात्रि

© Confused Thoughts

#premPatra

#shubhankarthinks

27 comments:

  1. बहुत सुंदर कविता—–बेहद दर्द का समावेश——निश दिन बरसत नयन हमारे—–बहुत सुंदर

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  2. Maza aa gaya padh ke.... Kahun kyun?

    Kyunki mujhe ek kissa yaad aa gaya... Jab main bhi pyaar ke pehle-pehle saawan ko jhel rahi thi, toh mujhe bhi aise he khayal aate the. Uss samay mere Husband se baat cheet karne ke liye email ke alawa koi saadhan nahi hota tha. Aur woh bhi tab aata tha jab use time milta tha. Mahine mein koi 3-4 mail aate the.... baki ke time main yunhi kavitayein banati rehti thi. Ab mujhe unhe padh ke hansi aati hai kyunki ab bikul ulta hota hai. Ab Whatsapp aur jane kya-kya hai, phir bhi dinn mein do he shabd exchange karte honge.... Samay-samay ki baat hai bhaiya :) Par kavita bahut jordaar thi :)

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  3. Ye sari virtual feeling mujhe b Ayi kuki aisa aksar hota Hai ki do log pdhai ki vjh SE door chle jate hain to Maine socha ise thoda old story m piro dun Taki mujhe likhne m mja aye
    Nyi baten to almost SB likhte h breakup patchup yhi SB chlta rhta h BT vo purane time ka love ultimate hota Tha , mujhe aj BHI purani stories m jyada dum lgta h aj k mukable abhi AP dekhna Maine iska agla bhaag likha hua h vo shedule kr dunga Abhi type Ni kr pay Hun 😋
    Aur Haan apki love story sunkar achja LGA Meri Kavita ka Moto yhi Tha k log apne SE relate kr payen aur Anand le
    Bhut bhut dhanyavaad !

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  4. You're most welcome. Haan un dino Mein problems bahut hoti thi. Islie ikraar-izhaar aur intezaar Mein he din katt jate the. Khub likho aise hi. 😊 😊 😊 😊

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  5. Ikraar ijhaar aur phirr chote chote world war h na
    Ye hota Hai JB distance relationship ho 😁

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  6. Apko Meri rachna pasand ayi
    Bhut dhanyavaad apka

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  7. Dhanyavaad g
    Apke comment pdhkr motivation milta hai aur sudhar krne ka

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  8. Dhanywad itna man dene ke liye ...aap bahut achcha likhte h mujhe bhi bahut kuch sikhne ko mil rha h

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  9. Ye mere liye sbse achi baat hogi AGR apne Meri Kavita SE thoda SA bhi nya kuch sikha hai
    Hm sare log yha ek dusre SE sikhte Hai khud m bhut kuch sikha hu yha akar
    Bhut swagat Hai apka
    Aise hi Hindi ko age bdhane m yogdaan dete rhiye

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  10. बहुत प्यारा..........:)

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  11. Bahut sundar, par mera esa manana hai ki duri bad jane se pyaar kabhi kaam nhi hote, agar sacha pyaar ho to.

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  12. Haan dooriyon SE pyaar aur bhi gahra ho jata Hai bhut Sahi baat Kahi apne !
    Dhanyavaad mam 🙏

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