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State of joyfulness

You become happy when outside circumstances come in your favor,You become joyful when none of the outside circumstances affect you anymore.~ #ShubhankarThinks#joyfull #happy #quote

सैनिक

कभी तपती दुपहरी में

मैदान के बीचों - बीच खड़ा है!

आज इसी दिन के लिए वो 

तूफान - सा दौड़ा है!

प्रथम आया है वो प्रतियोगिता में 

तभी गर्वित होकर चयनित खड़ा है!

कुछ करने की ललक है हौसलों में इसके 

तभी देश सेवा के लिए 

बिल्कुल उत्सुक खड़ा है!

फिर गांव की गलियॉं सुनसान कर चला वो

अपने घर को एकदम वीरान कर चला वो 

आखिर देश की रक्षा करनी है उसको 

अचानक दोस्तों को भी हैरान कर चला वो 

मॉं की आखों में अश्रु ला कर 

एक मॉं की खातिर अभिमान से चला वो ! 

मॉं तो आखिर मॉं होती है 

ममता को सन्नाटे में गुमनाम कर चला वो !

आगे का क्रम कुछ ऐसे बढ़ा फिर

आज वो सिपाही पर्वत पर खड़ा है 

बर्फ पड़ रही है पर्वत के तल पर

भीषण ठंड़ में भी चट्टान - सा अड़ा है!

देश का रक्षक है वो आखिर 

तभी तो इतने गुमान से खड़ा है!

बाहर का प्रहरी तो ये है मगर

अब अन्दर का क्रम कुछ ऐसे बढ़ा है!

राजनीति का जैसे जुनून - सा छाया है

लोगों को कुछ अलग शौक चढ़ा है!

वाद - विवादों की सीमा नहीं अब 

देशभक्ति शब्द खुद कटघरे में खड़ा है!

वोटों की राजनीति के बोझ तले दबकर

वो विकास कहीं गर्त में पड़ा है! 

हाथों को जोड़े बहरूपिया के भेष में 

हजारों की भीड़ में आन - बान से खड़ा है!

जनता का हाल मत पूछो 

उस रात्रि हुए बवाल को मत पूछो 

धर्म के आड़ में होती है बर्बादी फिर भी

 हम काल के गाल में जायेंगे मत पूछो !

अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता है सबको

सोशल मीडिया का युग है अब तो 

खूब होते हैं शब्द युद्ध यहां पर 

मुद्दा भी देशभक्ति है अब तो !

वो अभागा सैनिक तो अभी भी खड़ा है 

आप लोगों की सारी हरकतें जानते हुए भी

वो आज भी वहां  सीमा पर चुपचाप खड़ा है !
© Confused Thoughts 

Comments

  1. wow, such a great and heart touching poem on Soldiers.

    ReplyDelete
  2. धन्यवाद भ्राता

    ReplyDelete
  3. The harsh reality of a soldiers life brought down to words very beautifully... Do you mind if I show this to sone friends of mine who are form the army background? I know they'll love it. I have several friends and family members in the armed forces
    😊

    ReplyDelete
  4. Reality comes after experience actually I too belong to soldier family , all my family members are serving or retired from army except my father .
    I will be lucky if any soldier reads my poem
    I also wrote a poem name as pratishodh for army
    Sure you should not ask , show them and give them a big salute and respect from my side 🙏🙏🙏

    ReplyDelete
  5. Thanks a lot. I'm sure they'll like it 😊

    ReplyDelete
  6. Thank you from my side and now cross thank you = zero 😁
    Actually stop using thank you etc
    🙏

    ReplyDelete
  7. Lol! Thay won't be possible I'm afraid.

    ReplyDelete
  8. OK then let it be
    Thank you thank you game !😁

    ReplyDelete
  9. I belong to a Defence family and can totally understand the sentiment of this post. Will share this with my loved ones, thank you for writing this :)
    xx
    https://simpliannie.wordpress.com

    ReplyDelete
  10. First of all a big salute to your family from my side !😊huge respect and love 🙏🙏🙏
    I m glad to see that you liked it
    It's all my pleasure
    🙏🙏🙏

    ReplyDelete

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