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State of joyfulness

You become happy when outside circumstances come in your favor,You become joyful when none of the outside circumstances affect you anymore.~ #ShubhankarThinks#joyfull #happy #quote

रंग_ए_चमन-1

​चैन और सुकून से भरा था मुहल्ला,

आवामहिन्द बडी मौज में रहती थी|





महफिलशायरी करते थे लोग वहां,

मुशायरे में होती थीं रौनकें जहां की!


कोई शमा मुजलिस में मशगूल होती थी|





मुफलिसी में रहते थे वो फकीर वहां के,


मगर उनकी बातों में भी अमीरी सी होती थी|





हुस्नअदा थी तहजीब में उनके,


तालीम की पहचान भी अदब बातों से होती थी |





एक बाज की नजरबाद थी  बस्ती पर ,


उसे आवाम के चैन अमन से तकलीफ सी होती थी|





कुदरत का बदस्तूर जमाने पर नागवार गुजरा,


उस बाज ने कुछ नापाक तरकीब सी सोची थी|





एक जगह थी सबके पानी पीने की,


जहां मुहब्बत अदब से सबकी भरपाई होती थी|





मजहबी जहर को मिलाया था पानी में ,

अब पानी की जरूरत तो लगभग सभी को होती थी|





पानी पीना जंगमैदान बन गया ,

अब पानी  के लिए लोगों में तकरार सी होती थीं|





धीरे धीरे जहर असर दिखाने लगा था,

बाज की तरकीब अब कामयाब हो रही थी|





तकरारों का सिलसिला रफ्तार से बढा फिर,

अब मौकावारदात पर मौंते भी हो रही थी|





पैगामअमन तो ख्वाबों में भी नहीं था,

महफिलों में भी अब नफरतदास्तां होती थी|




अमन और मुहब्बत तो सब किस्से बन गये,

अब तो रातें भी वीरानियों के मंजर में सोती थीं |




खौफखुदा तो गुमनाम सा हो चला अब,

बाजों की चापलूसी अलग अलग खेमे में होती थी|




दीवारमजहब अब जमाने पर छाया था ,

इन्सान की पहचान अब मजहब से होती थी |




मैं भी इंसान था उस बस्ती का ऐ बाज,

मेरी आवामहिन्द बडे चैन से सोती थी|




क्या बिगाडा था तेरा इस उजडे चमन ने?

तुझे मेरे वतन से यूं तकलीफ क्यूं होती थी?

 

चापलूस बहुत बन चुके थे बाज के अब तक,

मेरी बातों से अब जहां को कोफ्त सी होती थी||




 नहीं करना चाहता था मैं पैरवी इस मुकदमे की,

मगर अल्फाजों की अजमाइशें  बडे जोरों से होती थीं||




.............to be continue 

(अगला भाग आपके आदेश पर प्रकाशित होगा)












©Confused Thoughts

उर्दू का ञान बहुत कम है फिर भी एक विफल सा प्रयास किया है अपनी राय अवश्य देना आपकी राय महत्वपूर्ण है!











Comments

  1. Was waiting for your response! Unexpected 😊
    Thank you

    ReplyDelete
  2. Mujhe ni pta tha first comment itna jaldi ayega vo b apka

    ReplyDelete
  3. Hehe...
    Dil SE yaad Kia hoga..Tbhi m aai

    ReplyDelete
  4. नहीं मेरा ध्यान कविता में था 😂😂
    मगर जब अनुभवी लेखकों की प्रतिक्रिया मिलनी शुरू हो जायें तब दिल बाग बाग जरूर हो जाता है

    ReplyDelete
  5. 😮😮😮😂😂😂😂😂

    M confuse ho gai Kya bolu. 😮

    ReplyDelete
  6. Confused thoughts naam to pdha hi hoga 😂

    ReplyDelete
  7. आप तो छा गये वाह!!!

    ReplyDelete

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